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ताड़केश्वर धाम लैंसडौन से 36 किमी. और 1800 मीटर की ऊचाई पर एक मंदिर है। यह मंदिर भगवान शिव के नाम से जाना जाता है। देवदार के वृक्षो से यह मंदिर घिरा हुआ है जो कि प्रकति की सुंदरता के लिये बहुत ही अच्छा है । शिवरात्रि के दिन मन्दिर मे विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है जो कि मंदिर समिति के द्वारा होता है। यहां ठहरने के लिए धर्मशाला बनाये गए है। और ठहरने की भी उचित व्यवस्था है। ताड़केश्वर धाम मन्दिर 5 किमी. की चौड़ाई मे फैला हुआ है और आपको देवदार के सुंगधित वृक्ष भी आपको 5 किमी. के ही अंतर्गत पाये जाएंगे ये देवदार के वन माँ पार्वती ने भगवान शिव के लिए स्वयं रचा था कृपा करके इन वृक्षो को ना तोड़े और ना ही मंदिर के पर्यावरण को गंदा करे । आपको मंदिर मे आपको त्रिशूल और चिमटा के देवदार वृक्ष भी पाये जाएंगे ।

"ताड़कासुर भगवान शिव के बहुत बड़े भक्त थे और भगवान शिव उनकी भक्ति देखकर प्रसन्न हुये भगवान शिव ने उन्हें अमरता का वरदान दे दिया ओर ताड़कासुर ने भगवान शिव का बरदान स्वीकार कर लिया।"

"ताड़कासुर ने वरदान पाने के बाद पृथ्वी मे गलत कार्य करने शुरू कर दिए वह संतो को मारने लगे और शांतिपूर्ण वातावरण को नष्ट करने लग गये ताड़कासुर की गलत हरकतों से परेसान भगवान शिव ने माँ पार्वती से विवाह करके कार्तिक को जन्म दिया । कार्तिक के हाथो ताड़केश्वर मारे ही गए थे तभी ताड़कासुर भगवान शिव से प्रार्थना करने लगे और क्षमा मांगते है। तब भगवान शिव ने उन्हें माफ़ करते हुये ये कहा की तुम्हे लोग भगवान शिव के नाम से पूजेंगे जो की ताड़केश्वर की पूजा भगवान शिव के नाम ने ही होती है। तब जाके इसका नाम ताड़केश्वर महादेव पड़ा ।"


"इससे पहले ताड़केश्वर महादेव मंदिर में शिवलिंग मौजूद था लेकिन अब भगवान शिव की मूर्ति मौजूद है जिसकी पूजा होती है । भगवान शिव जी की मूर्ति उसी जगह हैं जहां पर शिवलिंग मौजूद था । यह काफी साल पहले की खोज है मन्दिर परिसर मे आश्रम ओर धर्मशाला भी मौजूद है जिनकी जानकारी आप पहले ही प्राप्त कर सकते हो । नाश्ता , दोपहर का भोजन, रात के भोजन आश्रम मे नियमों के साथ साथ किया जाता है।"


"महाशिवरात्रि के दिन, ताड़केश्वर धाम मे बहुत जगह से भक्तजन आते है। और भक्तो का कहना है कि भगवान शिव अभी भी वहां है ओर वह गहरी नींद मे है। मंदिर मे हजारो घंटिया है जो की भक्तो के द्वारा भगवान की भेंट है।"



आप सभी भक्त जनों से विन्रम है कि ताड़केश्वर धाम और धाम से जुड़ी हर एक जगह बहुत ही कीमती है और इस कीमती जगह को साफ सुंदर रखे यहां गंदगी ना करे और प्रयास करे की मंदिर मे कूड़ा कचरा ना फैलाए एवं साफ सफाई मे सहयोग करे भगवान ताड़केश्वर भी आपको देखकर प्रसन्न होंगे ताड़केश्वर भगवान की इस सुंदरता का विशेष ख्याल रखे ।









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