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पूजा

ताड़केश्वर महादेव की दो पूजाओं का विशेष महत्व है | रबी की फसल पकने के बाद मई माह मे एवं खनीज़ की फसल पकने के बाद सितम्बर में ताड़केश्वर महादेव की परिधि में रहने वाले दर्जनों गावों के लोग पहले यहाँ अनाज चढ़ाते है फिर उसे ग्रहण करते है | शिवरात्रि को विशाल मेले का आयोजन मंदिर समिति द्वारा किया जाता है जिसमें छेत्रीय सामाजिक सरोकारों से जुड़े सांस्कृतिक गीत एवं भजनों की प्रस्तुति हेतु उत्तराखण्ड के किसी लोक गायक को आमंत्रित कर महादेव के साथ-साथ अन्य देवी देवताओं का आह्वान करके छेत्र की समृद्धि एवं सम्पन्नता की कामना की जाती है |







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